Tuesday, March 25, 2008

दोस्ती

वोह पल वोह लम्हे
जो बिताये थे साथ हमने,
वोह हसीं वोह ख़ुशी
बुलाते है हमे...
वोह साथ खाना मौज मस्ती
बहोत याद आते है सताते है हमे,
कभी भी ये न सोचो यार
के हमने भुलादिया
कभी तुम भी भूलो मत हमे |
फिर से मिलने की उम्मीद भी है
और यकीन भी...
तब तक हम इंतज़ार करेंगे
और आप भी क्या याद करोगे हमे ||

1 comment:

  1. wah wah!! kabhi hamare shaan main bhi kavita likha kijiye :-)

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